कर्मो का फल
A-हाय राम ! मेरे तो कर्म फूट गए | B- अरे बहन, क्या हुआ ? तुम रो क्यों रही हो ? […]
अ : दीदी चलो न कुछ खेलते हैं | मैं बहुत bore हो रही हूँ | व : अच्छा तो हम एक
शुरू करें अंताक्षरी खत्म करें संसार Read More »
**आत्म चिंतन का ये समय आया** दिव्या: अरे मम्मी ! ये क्या old-fashioned गाने चलायें हैं | मम्मी: ये गाना नहीं भजन
S– जय जिनेन्द्र दिव्या | तुम क्या सोच रही हो ? Is everything alright? D– जय जिनेन्द्र सौम्य | Yes,
यद्यपि ये एक चर्चा का ब्लॉग है, फिर भी मैं यहाँ अपने मन के कुछ भावो को व्यक्त कर रही
एक लेख मन की कलम से Read More »
दिव्या: वाह! मेरे तो कितने सारे followers होगये quora पर और अब तो मेरा youtube channel भी है | मैं अब
“तमे कारण परमात्मा छो एम नक्की कर “ ऐसा बोलते हुए पंडित जी समर्थ की दुकान के सामने से निकल
प्रभा और अनुभा दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते थे | प्रभा रोज गाती रहती थी “जैन धर्म के हीरे-मोती
Pandit Shri Daulat Ram Ji is quite famous among Jains for his book ‘Chahdhala’. However, a few people actually know
Biography of Pt. Shri Daulat Ram Ji Read More »